स्वाभिमान पार्टी


पार्टी संरक्षक एवं शीर्ष नेतृत्व

पार्टी का नेतृत्व जनआंदोलन विष मुक्त खेती, नशा मुक्त समाज और किसान हितों को आधार बनाकर राजनीति करने के लिए जाना जाता है। पार्टी के नेतृत्व ने प्रकृति केन्द्रित विकास, किसानों के अधिकार, उचित कृषि मूल्य और सामाजिक न्याय जैसे विषयों को राजनीतिक एजेंडे में प्रमुख स्थान दिया।

हमारे प्रेरणाश्रोत – श्री के. एन. गोविंदाचार्य

श्री के. एन. गोविंदाचार्य भारतीय राजनीति और सामाजिक चिंतन से जुड़े प्रमुख विचारक तथा स्वाभिमान पार्टी के प्रेरणास्रोत व संरक्षक हैं। उनका चिंतन मुख्यतः विकेंद्रीकरण व प्रकृति केंद्रित विकास पर आधारित रहा है।

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संस्थापक अध्यक्ष – श्री वीरेन्द्र पाण्डेय

श्री वीरेन्द्र पाण्डेय जे.पी.सेनानी रहे है, वर्तमान भारतीय राजनीति में जो गिरावट आयी है उसमे गुणात्मक सुधार करते हुए राजनीतिक मूल्यों व मुद्दों की पटरी पर पुनः स्थापित करना ही इस वैकल्पिक राजनीति का उद्देश्य है।

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राष्ट्रीय अध्यक्ष – श्री बलदेव राज सूद

श्री बलदेव राज सूद पिछले 60 साठ से अधिक वर्षों से धर्म व नीति आधारित राजनीति की पुनः प्रतिष्ठा हेतु प्रयासरत है, धर्म आधारित समाज एवं राज सत्ता की स्थापना हेतु वह सतत प्रयासरत है।

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स्वाभिमान पार्टी गठन का उद्देश्य

भारत को भारत बनाना है एक ऐसा भारत, जो जीव, जगत और जगदीश्वर की भारतीय समझ (दर्शन) के अनुरुप हो। ऐसा भारत आर्थिक और सांस्कृतिक रुप से समृद्ध, शक्तिशाली और स्वावलंबी होगा। पार्टी एक ऐसे भारत के निर्माण हेतु वचनबद्ध होगी। यह सैद्धांतिक अवधारणा जिसमे “जनता की, जनता के द्वारा, जनता के लिए” कहा गया है, के अनुकूल व्यवस्था निर्माण हेतु पार्टी प्रतिज्ञाबद्ध होगी।

स्वाभिमान पार्टी दृष्टि पत्र एवं वचन पत्र

भारतीय समाज व्यवस्था, राजनीति से कभी संचालित नहीं होती थी किन्तु आज वह भी मजबूरी में राजनीति और राजनीतिज्ञों की ओर ताकने को विवश की जा रही है | धर्म का सीधा अर्थ पंथ या मजहब हो चुका है | धर्म के नाम पर पाखंड का बोलबाला बढ़ रहा है | समाज में आदर्शों का भी अभाव दिख रहा है | धन की एन केन प्रकारेण उपलब्धता ही जीवन का अंतिम लक्ष्य स्थापित किया जा रहा है।


कुछ पूर्व कार्यक्रम व गतिविधियाँ

पिछले 14 वर्षों से लगातार देश भर में स्वाभिमान पार्टी द्वारा विभिन्न प्रकार के जन जागरूकता, सांगठनिक, प्रचार एवं बौद्धिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन विभिन्न प्रदेशों के जनपदों में लगातार किया जा रहा है।


स्वाभिमान पार्टी के तीन प्रमुख लक्ष्य

श्री बलदेव राज सूद के कुशल नेतृत्व और श्री वीरेंद्र पाण्डेय जी के मार्गदर्शन में स्वाभिमान पार्टी के प्रमुख विचारों को तीन व्यापक लक्ष्यों में निम्नलिखित रूप में समझा जा सकता है

01

भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय स्वाभिमान की रक्षा

पार्टी का उद्देश्य भारतीय सभ्यता, संस्कृति, परंपराओं और राष्ट्रीय मूल्यों को राजनीति के केंद्र में रखना है।

02

स्वदेशी, आत्मनिर्भर और ग्राम-केंद्रित विकास

स्वाभिमान पार्टी आर्थिक विकास में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को महत्व देती है।

03

सुशासन, भ्रष्टाचार-विरोध और जनभागीदारी

लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना और राजनीति को जनहित तथा राष्ट्रहित से जोड़ना इसके प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।

जन अदालत–जन सेवा

“जन अदालत–जन सेवा कैंप” का उद्देश्य जनता की समस्याओं को सुनना, जरूरतमंदों की सेवा करना और उन्हें सरकारी व्यवस्था से जोड़कर समाधान दिलाने का प्रयास करना है, प्रशासनिक, सामाजिक या सरकारी योजनाओं से संबंधित समस्याओं को संबंधित विभाग तक पहुँचाने और समाधान कराने का प्रयास किया जाता है, कैंप में आम नागरिक अपनी स्थानीय और व्यक्तिगत समस्याएँ सीधे कार्यकर्ताओं/प्रतिनिधियों के सामने रखते है ।और प्रशासनिक, सामाजिक या सरकारी योजनाओं से संबंधित समस्याओं को संबंधित विभाग तक पहुँचाने और समाधान कराने का प्रयास किया जाता है। इस माध्यम से गरीब और वंचित लोगों को आवश्यक सेवाओं तथा सरकारी सुविधाओं की जानकारी और सहायता उपलब्ध कराने पर जोर रहता है। लोगों को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं और नागरिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना भी इसका उद्देश्य है । इस माध्यम से जनता और शासन के बीच संवाद बढ़ाना तथा स्थानीय स्तर पर जवाबदेही की भावना विकसित करना इसका महत्वपूर्ण पक्ष है ।


स्वाभिमान पार्टी की दृष्टि, प्रतिबद्धता एवं मूल-मूल्य

स्वाभिमानी और आत्मनिर्भर भारत, जनसेवा, सुशासन और स्वदेशी विकास के माध्यम से राष्ट्रनिर्माण और जन सेवा, स्वदेशी, धर्मपरायणता , सामाजिक न्याय और जनभागीदारी।

दृष्टि

ऐसा भारत जहाँ विकास का आधार भारतीय संस्कृति, स्थानीय संसाधन, ग्राम-व्यवस्था और आम नागरिक की भागीदारी हो तथा प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिले। गरीब एवं वंचित वर्गों की सेवा तथा उन्हें उनके अधिकारों और सभी सुविधाओं से जोड़ना।

प्रतिबद्धता

जनसेवा को राजनीति का केंद्र बनाना और आम जनता की समस्याओं को सीधे सुनकर उनके समाधान का प्रयास करना। स्वदेशी एवं आत्मनिर्भर विकास को बढ़ावा देना, विशेषकर किसान, श्रमिक, छोटे उद्यमी और ग्रामीण समाज को मजबूत करना। पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित शासन की स्थापना के लिए कार्य करना।

मूल-मूल्य

राष्ट्रहित और भारतीय पहचान को सर्वोच्च महत्व। राजनीति को सत्ता प्राप्ति के बजाय समाज की सेवा का माध्यम मानना। सार्वजनिक जीवन में नैतिकता और जवाबदेही। निर्णय-प्रक्रिया में आम नागरिक की सक्रिय भूमिका। भारतीय जीवन-मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण।


स्वाभिमान पार्टी से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न व उनके संक्षिप्त उत्तर

स्वाभिमान पार्टी का एक मुख्य उद्देश्य राष्ट्र के स्वाभिमान, आत्मनिर्भरता, सामाजिक न्याय और जनहित को मजबूत करना इसका प्रमुख उद्देश्य है। स्वाभिमान का वास्तविक अर्थ भारतीय संस्कृति, राष्ट्रहित और अपनी सामाजिक-आर्थिक क्षमताओं के प्रति आत्मविश्वास तथा गौरव की भावना है।

स्वाभिमान पार्टी क्या है?

स्वाभिमान पार्टी एक राजनीतिक पहल है, जिसका प्रमुख जोर राष्ट्रहित, भारतीय संस्कृति, स्वदेशी, जनसेवा और सुशासन जैसे विषयों पर रहा है।

स्वाभिमान पार्टी का आर्थिक दृष्टिकोण क्या है?

स्वाभिमान पार्टी स्वदेशी, आत्मनिर्भरता, स्थानीय संसाधनों के उपयोग तथा ग्रामीण और छोटे स्तर की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिये जाने की प्रबल पक्षधर है।

पार्टी ग्राम विकास को क्यों महत्व देती है?

स्वाभिमान पार्टी के अनुसार ग्रामीण समाज, कृषि, कुटीर उद्योग और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किए बिना समस्त भारत का समावेशी एवं आत्मनिर्भर विकास संभव ही नहीं है।

स्वाभिमान पार्टी भारतीय संस्कृति को क्यों महत्व देती है?

स्वाभिमान पार्टी का विचार है कि भारत का विकास उसकी अपनी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप समग्र रूप से होना चाहिए। भारत के लिए किसी भी पश्चिमी विकास मॉडल का अनुसरण बहुत खतरनाक साबित हो सकता है.

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स्वाभिमान पार्टी की विभिन्न गतिविधियाँ, कार्यक्रम, नीतियां व वर्तमान सामायिक विषयों पर विचार आदि की जानकारी।